Char Dham Yatra, Explainer: सस्ते टूर पैकेज का लालच पड़ सकता है भारी; ऑनलाइन ठगों का फैला जाल… क्या करें, कैसे बचें? जानें

Char Dham Yatra, Explainer

Char Dham Yatra, Explainer: ऑनलाइन तीर्थ यात्रा बुकिंग या वहां पर मिलने वाली सुविधाओं की बुकिंग के नाम पर चल रहा ठगी का खेल। सतर्क रहें।

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Char Dham Yatra, Explainer भारत तीर्थों और मंदिरों का देश है। यहां लगभग हर राज्य में कोई न कोई विख्यात और महत्वपूर्ण तीर्थस्थल या मंदिर मिल ही जाएगा। हालांकि इनमें भी चार धाम का विशेष महत्व माना गया है। यही कारण है कि हर साल देश में लाखों लोग चार धाम यात्रा करने के लिए बेसब्री से करते हैं।

वर्तमान में चार धाम यात्रा (Chardham Yatra) के लिए ऑनलाइन बुकिंग  शुरू कर दी गई है। अगले माह 25 अप्रैल से चार धाम यात्रा भी आरंभ हो जाएगी। आप भी अगर बुकिंग करवा रहे हैं, तो सस्ते पैकेज के चक्कर में न फंसे, बल्कि अच्छी तरह देखभाल कर ही बुकिंग करवाएं। अगर आप थोड़ी सी भी लापरवाही करेंगे, तो बैठे बैठे लाखों गंवा बैठेंगे।

जी हां, ऑनलाइन तीर्थ यात्रा बुकिंग या वहां पर मिलने वाली सुविधाओं की बुकिंग के नाम पर देशभर में ठगों ने अपना जाल फैला रखा है। टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हुए धोखेबाजों ने फ्रॉड करने के लिए बहुत से नए तरीके भी इजाद कर लिए हैं।

इस तरह जाल में फंस रहे हैं लोग

इसकी एक बानगी देखनी हो तो थोड़ा सा सर्च करने की जरूरत है और आपको ढेरों उदाहरण मिल जाएंगे। आए दिन ऐसे मामले भी सामने आते रहते हैं जैसे-

केस 1: दिल्ली में 25 महिलाओं को सिर्फ 1100 रुपए में वैष्णो देवी के दर्शन कराने का झांसा देकर ठग लिया। पैसे लेने के बाद धोखेबाज ने फोन भी बंद कर दिया।

केस 2: सूरत में भी मात्र 3100 रुपए लेकर हरिद्वार यात्रा कराने के नाम पर लगभग एक हजार लोगों को ठगा जा चुका है।Char Dham Yatra, Explainer

केस 3: यदि बड़े लेवल की धोखाधड़ी की बात करें तो महाराष्ट्र में गत वर्ष 70 लोगों को 5.89 लाख रुपए प्रति व्यक्ति (कुल 4 करोड़ 12 लाख रुपए) की राशि लेकर केदारयात्रा यात्रा की फर्जी बुकिंग कर दी गई। जब वे दर्शन के लिए पहुंचे तो पता लगा कि ऐसा कुछ है ही नहीं।Char Dham Yatra, Explainer

केस 4: इसी तरह चार धाम यात्रा में ऑनलाइन हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर पैसे जमा करवाकर फर्जी टिकट पकड़ा दिए गए। यह सब कुछ आपके साथ भी हो सकता है।

ऐसा नहीं है कि यह केवल तीर्थ यात्रा के नाम पर ही होता है वरन हज यात्रा और सस्ते टूर पैकेज का झांसा देकर भी धोखाधड़ी की जाती है। ऐसे में जरूरी है कि अपने आप को नुकसान से बचाने के लिए आप कुछ जरूरी सावधानियां रखें। इसके लिए सबसे पहले तो यह समझना होगा कि यह धोखाधड़ी किस प्रकार होती हैं। आइए जानते हैं इस बारे में

ऐसे होती है धोखाधड़ी

इन दिनों फ्रॉड करने के लिए कई तरीके काम में लिए जा रहे हैं। इनमें दो तरीके सबसे ज्यादा प्रचलित है। पहला तरीका है, सस्ती यात्रा या कम दामों में ज्यादा सुविधाएं देने का वादा करना। दूसरे तरीके में सरकार और बड़ी कंपनियों से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाकर ठगी की जाती है।Char Dham Yatra, Explainer

सस्ती तीर्थ यात्रा या टूर पैकेज के नाम पर होती है ठगी

इस तरीके में बाकायदा लोगों से कॉन्टेक्ट कर उन्हें नाम मात्र के खर्चे पर घुमाने का वादा किया जाता है। इसके लिए कुछ पैसा एडवांस भी ले लिया जाता है। क्लाइंट ढूंढने के लिए कई बार सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जाता है। इस तरह एक बार लोगों से कॉन्टेक्ट हो जाएं तो उनसे पैसे लेकर धोखेबाज भाग जाते हैं। इस दौरान वे हर जगह पर फेक आईडी का प्रयोग करते हैं ताकि उन्हें पकड़ा न जा सकें।

ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर

इस तरीके में धोखेबाज सरकारी या बड़ी ट्रेवल कंपनियों की वेबसाइट से मिलती-जुलती वेबसाइट बना लेते हैं। इसे Google में प्रमोट किया जाता है ताकि आप जब भी तीर्थ यात्रा या टूर पैकेज ऑनलाइन सर्च करें तो उनकी वेबसाइट दिखाई दें।

इस तरह जब आप उनकी वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं तो वे आपसे ऑनलाइन पैसा लेकर बुकिंग कर लेते हैं। उन पर आपका विश्वास बना रहें, इसके लिए बाकायदा फर्जी टिकट्स भी दिए जाते हैं। ये लोग यात्रा के लिए आने-जाने के इंतजाम, होटल बुकिंग, रोपवे बुकिंग, हेलीकॉप्टर बुकिंग जैसी सुविधाएं देने का भी लालच देते हैं। इसके बाद जब आप दी गई तारीख पर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं तो आपको पता लगता है कि वहां तो आपके नाम से कोई बुकिंग ही नहीं है।Char Dham Yatra, Explainer

सबसे बड़ी बात, आपके पास जिन कंपनियों के नाम पर टिकट्स और दूसरे दस्तावेज आते हैं, वे कंपनियां या तो हैं ही नहीं, या उनके नाम पर दूसरे लोग फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। इन हालातों में आपको फिर एक बार अपनी जेब से पैसा खर्च करना पड़ता है।

OTP के जरिए भी होता है खेल

बहुत बार आपसे फोन या ईमेल में कहा जाता है कि आपकी बुकिंग करने के लिए फोन पर एक ओटीपी भेजा गया है। आपसे यह ओटीपी मांगा जाता है, और आप जैसे ही बताते हैं, आपके बैंक खाते से मोटी रकम उड़ा लेते हैं।

कैसे बचाएं खुद को

साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने के सिर्फ तीन ही उपाय है, पहला जानकारी, दूसरा सावधानी और तीसरा उपाय लालच से बचना है। आप भी कुछ आसान सी टिप्स फॉलो कर खुद को सुरक्षित कर सकते हैं।

  • कभी भी सस्ते के चक्कर में न पड़ें वरन पहले पूरी जानकारी कर लें। बुकिंग करवाने के पहले सामने वाले का बैकग्राउंड भी चैक करें। यदि किसी कंपनी या आदमी ने कुछ ही समय पहले काम शुरु किया है और बहुत कम कीमत का ऑफर दे रहा है तो विश्वास न करें। उससे कंपनी का रजिस्ट्रेशन, जीएसटी नंबर, पैन कार्ड नंबर आदि डिटेल्स मांगे। इसके बाद ही आगे बढ़ें।
  • जब भी ऑनलाउन बुकिंग करवाएं तो सरकारी विभागों और कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट से ही करवाएं। उनसे मिलती-जुलती बहुत सारी वेबसाइट्स होती हैं, उन पर भरोसा न करें। बुकिंग करवाने के पहले कंपनी का ऑनलाइन रिव्यू जरूर पढ़ें। यदि किसी कंपनी का रिव्यू खराब है तो उससे यथासंभव बचने का प्रयास करें।Char Dham Yatra, Explainer
  • ऑनलाइन बुकिंग के लिए कभी भी ओटीपी नहीं मांगी जाती है। अत: अपने फोन पर आने वाली ओटीपी किसी के भी साथ शेयर न करें। ऐसा करना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।

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